Saturday, 29 September 2018
यूपी हमीरपुर मामले में फिर बेनक़ाब हुआ मीडिया/up hameerpur
फासीवाद का घ्रिनतम कृत्य!
बिना फासीवाद के समझ के हम इसका सही प्रतिरोध नहीं कर सकते!
फासीवाद पूंजीवाद का ही एक रूप है, जो बेहद सडा और हिंसक है. इसका कारन है पूंजीवाद का ऐसे संकट में होना, जिसका इलाज इसके पास नहीं है!
मुनाफा दर घट रहा है, उत्पादित माल गोडान में सड़ रहा है, खरीददार नहीं है. भारत में केवल 70% ही उत्पादन क्षमता का इस्तेमाल हो रहा है.
दूसरी तरफ मजदूर वर्ग, किसान और युवा वर्ग में बेहद रोष है. बेरोजगारी बढ़ रहा है, महंगाई चरम सीमा पर है, कानून गुंडों के हाथ में है.
इस विरोध और खुद पूंजी के महा संकट का एक ही रास्ता है पूंजी के राजनितिक चाटुकारों के पास, वह है जनता की एकता तोड़ना, धर्म और जाति का इस्तेमाल करना!
और यह दिख रहा है! तो रास्ता क्या है? जन क्रांति! मजदूर वर्ग के नेत्रित्व में क्रांति, फासीवाद और इसकी अम्मा पूंजीवाद को दफ़न करना!
साथियों, आगे आये, फासीवाद के सामने ना झुकें!
इन्कलाब जिंदाबाद!
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment