"आरएसएस " का नाम १० अगस्त १९४७ को "राष्ट्रीय स्वंयंसेवक संघ " हुआ जब देश आजाद होने को था उस से ५ दिन
पहले नाम बदल दिया गया लेकिन काम वही करना था जासूसी का
❌आरएसएस की वजह से क्या देशको बड़ा नुकसान पोहचा है।. जब जलियाँ बाग कांड और उसके जैसा गुजरात की अरवल्ली की पहाड़ीओमें कांड हुआ उस में आरएसएस के कार्यकर्त्ता ओ ने अंग्रेज लोगोंका साथ दिया था।
👶🏻१९३१ में छुआछुत दूर करने के लिए ग़ांधी ने दलित यात्रा निकाली तब आरएसएस प्रचारको ने उस पर बम फेके थे
😱१९३१ में आरएसएस की मीटिंग में प्रस्ताव पारित किया गया की आरएसएस आजादी लड़ाई नही लड़ेगा
जब अंग्रेजो की "मुखबिरि" करते करते "सावरकर" और "गोलवलकर" को जेल में
डाला।
👶🏻तो माफ़ी नामे लिखरकर छूट गए। "अटल" की गवाही की वजह से १९४२ में लीलाधर बाजपेयी को जेल हुई. लीलाधर एक क्रन्तिकारी थे।
👶🏻आरएसएस ने ना कांग्रेस को सप्पोर्ट किया ना भगतसिह को, ना सुभाषचन्द्र बोस को,ना चन्द्रशेखर आजाद को । फिर भी आज कांग्रेस के कई नेता
बोस,आजाद ,भगतसिह की फोटो इस्तिमाल करते है जिसका कोई इतिहास ही नहीं है। है तो गद्दारी भरा ।
👶🏻आरएसएस हमेशा हिन्दू मुस्लिम के बिच दंगे करने में माहिर है। हिन्दू-हिन्दू करता है। और खुद राष्ट्रिय मुस्लिम मंच चला रहा है।यह हिन्दूओ ने जान लेना चाहिए, की सत्ता की खातिर आप
का इस्तिमाल हो रहा है।
📱वोट की खातिर सरदार पटेल का नाम लेते हे और नेहरु-गांधी को गाली देते हे
जब वो भी टाइम आएगा जब ये वोट की खातिर ये सरदार को भी गालिया देंगे
😱आरएसएस ने ग़ांधी को मरवाया।आज आरएसएस के कार्यकर्त्ता जिन लोगो ने आजादी की जंग लड़ी उनके
बिचके बनावटी भेदभाव की जूठीअफवाहे फैलाता हे
🇮🇳1948 में आरएसएस ने तिरंगे को पेरो तले कुचला था
📘आरएसएस ने भारतीय सविधान को मानने से इंकार किया था
😱आरएसएस ने हमेशा समाज में नफरत फेलाई है।वह
👉-मुस्लिम-आतंकवादी
👉-आदिवासी-नक्सलवादी
👉-दलित-ओबीसी- जातिवादी
👉सिर्फ ब्राम्हण-राष्ट्रवादी
मानते है।
🌹जबकी आरएसएस और ब्राह्मण यही देशद्रोही है। इसलिए आजादी के बाद दो बार केंद्र सरकार द्वारा इनपे बंदी आई थी।
❌आरएसएस आज भी समाज में बटवारा कर रहा हे क्रन्तिकारी ओके जूठी अफवाहे फेला रही हे आरएसएस की हिम्मत और ओकात नही। खुद चुनाव लडे इसलिए पहले जनसंघ नामक और बादमे बीजेपी नाम की पार्टी बनायीं जो आज "फेकू मोदी" के नेतृत्व में केंद्र की सत्ता में है।
👶🏻खुद का कोई इतिहास नही इसलिए दुसरो के इतिहास पर छेड़छाड़ कर रही हे आरएसएस.
😱👶🏻आरएसएस एक जहर हे देश के लिए। दुसरो देशो में आरएसएस एक आतंकवादी संस्था हे। ऐसा साबित हो चूका है।
💣🔫क्योंकि कई आरएसएस प्रचारक "बमब्लास्ट" के आरोप में जेल में है।
😭🔥"नमो"ने अपने कार्यकाल में हजारो लोगोका कत्ले आम किया। इसलिए अमेरिका ने व्हिसा देनेसे मना किया था।विश्व के 10 आतंकवादी लोगोमें नरेन्द्र मोदी का फोटो था जो बाद में हटाया गया था।
👶🏻आरएसएस कभी अपने ऑफिस पर रास्ट्रीय ध्वज तीरंगा नही लहराता था।ये तो 2002 में नागपुर के एक आम लड़के ने कोर्ट में केस किया उसके बाद कोर्ट के फरमान पर आरएसएस ने अपने ऑफिस पर तिंरंगा लहराना सुरु किया.
👶🏻RSS के मुखिया "मोहन" के पैर भाजपा के मुखिया और देश के प्रधान मंत्री "नमो" पड़ता है ।संघ सविधान और आरक्षण बदलनेकी बात करता है।भारत को हिन्दुस्थान कहता है। ऐसे "देशद्रोही संगठन" और लोगोसे सावधान रहे।
👫👫👫अब आपको तय करना है की आप आरएसएस -भाजपा को साथ देकर "आतंकवादी" बनना चाहते या उनको विरोध करके "राष्ट्रवादी" (उत्तम)
पहले नाम बदल दिया गया लेकिन काम वही करना था जासूसी का
❌आरएसएस की वजह से क्या देशको बड़ा नुकसान पोहचा है।. जब जलियाँ बाग कांड और उसके जैसा गुजरात की अरवल्ली की पहाड़ीओमें कांड हुआ उस में आरएसएस के कार्यकर्त्ता ओ ने अंग्रेज लोगोंका साथ दिया था।
👶🏻१९३१ में छुआछुत दूर करने के लिए ग़ांधी ने दलित यात्रा निकाली तब आरएसएस प्रचारको ने उस पर बम फेके थे
😱१९३१ में आरएसएस की मीटिंग में प्रस्ताव पारित किया गया की आरएसएस आजादी लड़ाई नही लड़ेगा
जब अंग्रेजो की "मुखबिरि" करते करते "सावरकर" और "गोलवलकर" को जेल में
डाला।
👶🏻तो माफ़ी नामे लिखरकर छूट गए। "अटल" की गवाही की वजह से १९४२ में लीलाधर बाजपेयी को जेल हुई. लीलाधर एक क्रन्तिकारी थे।
👶🏻आरएसएस ने ना कांग्रेस को सप्पोर्ट किया ना भगतसिह को, ना सुभाषचन्द्र बोस को,ना चन्द्रशेखर आजाद को । फिर भी आज कांग्रेस के कई नेता
बोस,आजाद ,भगतसिह की फोटो इस्तिमाल करते है जिसका कोई इतिहास ही नहीं है। है तो गद्दारी भरा ।
👶🏻आरएसएस हमेशा हिन्दू मुस्लिम के बिच दंगे करने में माहिर है। हिन्दू-हिन्दू करता है। और खुद राष्ट्रिय मुस्लिम मंच चला रहा है।यह हिन्दूओ ने जान लेना चाहिए, की सत्ता की खातिर आप
का इस्तिमाल हो रहा है।
📱वोट की खातिर सरदार पटेल का नाम लेते हे और नेहरु-गांधी को गाली देते हे
जब वो भी टाइम आएगा जब ये वोट की खातिर ये सरदार को भी गालिया देंगे
😱आरएसएस ने ग़ांधी को मरवाया।आज आरएसएस के कार्यकर्त्ता जिन लोगो ने आजादी की जंग लड़ी उनके
बिचके बनावटी भेदभाव की जूठीअफवाहे फैलाता हे
🇮🇳1948 में आरएसएस ने तिरंगे को पेरो तले कुचला था
📘आरएसएस ने भारतीय सविधान को मानने से इंकार किया था
😱आरएसएस ने हमेशा समाज में नफरत फेलाई है।वह
👉-मुस्लिम-आतंकवादी
👉-आदिवासी-नक्सलवादी
👉-दलित-ओबीसी- जातिवादी
👉सिर्फ ब्राम्हण-राष्ट्रवादी
मानते है।
🌹जबकी आरएसएस और ब्राह्मण यही देशद्रोही है। इसलिए आजादी के बाद दो बार केंद्र सरकार द्वारा इनपे बंदी आई थी।
❌आरएसएस आज भी समाज में बटवारा कर रहा हे क्रन्तिकारी ओके जूठी अफवाहे फेला रही हे आरएसएस की हिम्मत और ओकात नही। खुद चुनाव लडे इसलिए पहले जनसंघ नामक और बादमे बीजेपी नाम की पार्टी बनायीं जो आज "फेकू मोदी" के नेतृत्व में केंद्र की सत्ता में है।
👶🏻खुद का कोई इतिहास नही इसलिए दुसरो के इतिहास पर छेड़छाड़ कर रही हे आरएसएस.
😱👶🏻आरएसएस एक जहर हे देश के लिए। दुसरो देशो में आरएसएस एक आतंकवादी संस्था हे। ऐसा साबित हो चूका है।
💣🔫क्योंकि कई आरएसएस प्रचारक "बमब्लास्ट" के आरोप में जेल में है।
😭🔥"नमो"ने अपने कार्यकाल में हजारो लोगोका कत्ले आम किया। इसलिए अमेरिका ने व्हिसा देनेसे मना किया था।विश्व के 10 आतंकवादी लोगोमें नरेन्द्र मोदी का फोटो था जो बाद में हटाया गया था।
👶🏻आरएसएस कभी अपने ऑफिस पर रास्ट्रीय ध्वज तीरंगा नही लहराता था।ये तो 2002 में नागपुर के एक आम लड़के ने कोर्ट में केस किया उसके बाद कोर्ट के फरमान पर आरएसएस ने अपने ऑफिस पर तिंरंगा लहराना सुरु किया.
👶🏻RSS के मुखिया "मोहन" के पैर भाजपा के मुखिया और देश के प्रधान मंत्री "नमो" पड़ता है ।संघ सविधान और आरक्षण बदलनेकी बात करता है।भारत को हिन्दुस्थान कहता है। ऐसे "देशद्रोही संगठन" और लोगोसे सावधान रहे।
👫👫👫अब आपको तय करना है की आप आरएसएस -भाजपा को साथ देकर "आतंकवादी" बनना चाहते या उनको विरोध करके "राष्ट्रवादी" (उत्तम)
Understand RSS and even if you are paid worker, think again, don't become anti human & cancer of society!
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